विश्वकर्मा पूजा फेसबुक कवर फोटो | विशकर्मा पूजा १७ सितम्बर फेसबुक पोस्ट फोटोज | विश्वकर्मा पूजा का नया इमेजेज

By | September 16, 2016

विश्कर्मा पूजा 17 सितंबर 2016 को पूरे राज्य में मनाया जाता है| हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी पूजा का आयोजन पूरे धूमधाम से किया जा रहा है, इस पोस्ट पर हम बताने जा रहे हैं की विश्कर्मा पूजा क्यों और किस मुहूर्त में करें – सबसे पहले विश्वकर्मा पूजा क्यों करते हैं, जैसा कि हिंदू धर्म के ग्रंथों के हिसाब से बाबा विश्कर्मा को हुनर का देवता माना जाता है |

जिसको आशीर्वाद भी मिल जाता है, उसका किसी न किसी प्रकार का किसी मशीनीकरण से जुड़े रोजगार में वह माहिर हो जाता है बाबा विश्कर्मा को देव शिल्पी के नाम से भी जाना जाता है| हिंदू पौराणिक कथाओं के अनुसार बाबा विश्वकर्मा का जन्म समुंद्र मंथन जो देवताओं और राक्षसों के बीच में हुआ था उस दौरान हुई थी |

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विश्वकर्मा पूजा का मुहूर्त, १७ सितंबर २०१६ : ०६: ४५ बजे के बाद

और विश्कर्मा अर्थशास्त्र में सपूर्ण देवता माने जाते हैं, हर प्रकार का बज्र  का निर्माण उन्होंने ही किया था | ऐसा भी माना जाता है कि भगवान विश्कर्मा ने श्रीलंका और देवनागरी, बहुत सारे  देवताओं के भवन का निर्माण किया था, जैसा कि यह  देखा गया है कि महाभारत में जिस महल में पांडव रहते थे उसको इंद्रप्रस्थ नाम से जाना जाता था| इसका निर्माण भी बाबा विश्कर्मा नहीं किया था | विश्वकर्मा दिवस के दिन पूजा पूरे भारतवर्ष में हर्षोल्लास से किया जाता है | इस पूजा में प्रमुख तौर से इंजीनियर, आधुनिकरण या मशीनी काम से जुड़े हुए,  मजदूर जो कि किसी भी औजार से कार्य करते हैं | वह सभी के द्वारा इस पूजा का आयोजन किया जाता है और इस दिन को अपना कार्य बंद रखते हैं  |

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